एडीबी का दावा, GDP में चीन से आगे बना रहेगा भारत

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नई दिल्ली : एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के अनुमान की बात करें तो भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2017-18 में सुधरकर 7.4 प्रतिशत और इससे अगले वित्त वर्ष में और बढ़कर 7.6 प्रतिशत रह सकती है. इस प्रकार आर्थिक वृद्धि के मामले में भारत चीन से आगे बना रहेगा.
खत्म होने को है नोटबंदी का प्रतिकूल असर
एडीबी के अग्रणी आर्थिक प्रकाशन ‘एशियाई विकास परिदृश्य’ में कहा गया है, ‘उच्च मूल्य वर्ग के नोटों को चलन से हटाने से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला प्रभाव नए बैंक नोटों के आने के साथ धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है. मजबूत खपत और वित्तीय सुधारों के आगे बढ़ने से व्यावसायिक विश्वास में सुधार आने की उम्मीद है. इसके साथ ही देश में निवेश संभावना भी बेहतर होगी.’ वर्ष 2016-17 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही. खास बात यह है कि पिछले साल नवंबर में 500 और 1,000 रुपये के नोटों को अमान्य किये जाने से अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका के बावजूद यह वृद्धि हासिल की गई.
चीन के मुकाबले भारत की जीडीपी अधिक रहेगी
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘दक्षिण एशिया क्षेत्र की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत की वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष में 7.1 प्रतिशत रहने के बाद 2017-18 में 7.4 प्रतिशत और इससे अगले साल 2018-19 में 7.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है.’ जहां तक चीन की बात है, रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की सकल उत्पादन वृद्धि 2017 में नरम पड़कर 6.5 प्रतिशत और 2018 में 6.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इससे पहले 2016 में यह 6.7 प्रतिशत थी.
आर्थिक वृद्धि को भारत के प्रयास चीन पर भारी
एडीबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय और राजकोषीय स्थायित्व के लिए चीन की सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं. लगातार ढांचागत सुधारों से आर्थिक वृद्धि दर को सरकार के तय लक्ष्य के दायरे में बनाये रखने में मदद मिलेगी. दूसरी तरफ पिछले कुछ वर्षों में भारत ने आर्थिक सुधारों के मोर्चे पर कई कदम उठाये हैं. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को अधिक उदार बनाया है और वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) को लागू करने की दिशा में अहम पहल की है. कारोबारी परिदृश्य को सुगम बनाने के लिये भी कदम उठाये हैं.
दक्षिण एशिया सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र
रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण एशिया दुनिया के सभी उप-क्षेत्रों में सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र होगा. इस क्षेत्र की वृद्धि दर 2017 में 7 प्रतिशत और 2018 में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है. भविष्य की संभावनाओं का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि विकासशील एशिया की दो तिहाई अर्थव्यवस्थाओं में बाहरी मांग सुधरने, वैश्विक स्तर पर जिंसों के दाम बढ़ने और घरेलू स्तर पर सुधारों को आगे बढ़ाने से यह क्षेत्र वैश्विक वृद्धि में 60 प्रतिशत योगदान के साथ एकमात्र सबसे बड़ा योगदान करने वाला बना रहेगा.

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